अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, लेकिन रिहाई कब? जानिए पूरी कहानी!

मऊ विधायक को मिली अंतरिम जमानत

मऊ विधायक अब्बास अंसारी, जो दिवंगत मुख्तार अंसारी के पुत्र हैं, को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दी है। इससे पहले अब्बास अंसारी को 6 सितंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था।

होली के बाद जेल से हो सकते हैं रिहा

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब संभावना है कि होली के बाद अब्बास अंसारी जेल से रिहा हो सकते हैं। हालांकि, उनकी जमानत पर कुछ कड़ी शर्तें भी लगाई गई हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा।

जमानत की शर्तें

सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी की जमानत को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी है:

• लखनऊ के सरकारी आवास में रहना होगा।

• अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जाने से पहले अनुमति लेनी होगी।

• प्रदेश से बाहर जाने के लिए अदालत की मंजूरी आवश्यक होगी।

• कोर्ट में पेशी से एक दिन पहले पुलिस को सूचना देनी होगी।

• पुलिस छह हफ्तों में रिपोर्ट पेश करेगी कि जमानत की शर्तों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

अब्बास अंसारी का पक्ष

अब्बास अंसारी के वकील कपिल सिब्बल ने अदालत में तर्क दिया कि अब्बास एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और शूटर रह चुके हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि “ऐसा मत कहिए, वरना इसका कोई और मतलब निकाला जा सकता है।”

क्या है पूरा मामला?

अब्बास अंसारी को नवंबर 2022 में एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन गैंगस्टर एक्ट के तहत उनकी गिरफ्तारी सितंबर 2024 में हुई। इससे पहले, अन्य मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी थी।

अगले छह हफ्ते होंगे अहम

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को छह हफ्तों में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। इसके आधार पर उनकी जमानत को लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, अब्बास अंसारी के समर्थकों के लिए यह बड़ी राहत की खबर मानी जा रही है।

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