8 साल में कैसे बदली खेलों और खिलाड़ियों की तस्वीर

भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है। तभी तो देश के कई प्रतिभावानी अलग-अलग क्षेत्रों में अपना करिश्मा दिखा चुके हैं। खेल जगत भी इससे अछूता नहीं रहा है। जी हां, देश के खिलाड़ियों में प्रतिभा का भंडार है और इस बात को वर्तमान केंद्र सरकार भली-भांति जानती समझती है। यही वजह है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश में खेलों को अत्यधिक बढ़ावा दे रही है। यह सिलसिला पिछले 8 साल से चला आ रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा हमारे देश के देहात गांव के उन खिलाड़ियों को मिला जो प्रतिभावान तो हैं लेकिन लंबे समय से सुविधाओं के अभाव में पिछड़ते आ रहे थे। अब ये खिलाड़ी भी केंद्र सरकार से मिली तमाम सुविधाओं का लाभ लेते हुए खेलों में बेहतरीन रिजल्ट भी दे रहे हैं। यही वजह है कि खेलों के तमाम वैश्विक मंचों पर इससे देश का मान-मनोबल काफी अधिक बढ़ गया है। वहीं अब भारतीय खिलाड़ी भी दुनिया में अपनी नई पहचान बनाने में कामयाब हो रहे हैं। आइए अब विस्तार से समझते हैं कि आखिर कैसे बदली भारत में खेलों और खिलाड़ियों की तस्वीर…

खेलों के लिए बढ़ाया बजट

केंद्र सरकार ने खेलों को प्रगति की राह पर ले जाने के लिए सबसे पहले खेल बजट को बढ़ाना जरूरी समझा। इसके लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इसे 3,000 करोड़ कर दिया है। जबकि खेलों के लिए यूपीए सरकार में बजट महज 1,200 करोड़ रुपए ही था। यानि वर्तमान केंद्र सरकार खेलों में भी भारत को आगे रखना चाहती है इसलिए खेल सुविधाओं को बढ़ाने हेतु बजट बढ़ाने जैसे कदम उठाए गए हैं।

टारगेट पोडियम स्कीम

टारगेट पोडियम स्कीम ने तो जैसे भारत में खेलों और खिलाड़ियों की तस्वीर ही बदल डाली। ऐसा नहीं है कि भारतीय खिलाड़ी मेहनत नहीं करते। दशकों से भारतीय खिलाड़ी मेहनत कर रहे हैं। खेल के मैदान पर घंटों पसीना बहाते हैं। जिन खिलाड़ियों ने सफलता हासिल की है उनका करियर इस बात का सबूत है। हालांकि उनकी तादाद जितनी होनी चाहिए, उससे कम ही है। कहीं न कहीं इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और आर्थिक तंगी ने खिलाड़ियों की मेहनत को वो मुकाम नहीं दिया जिसके वो हकदार हैं। लेकिन यह कहानी बीते आठ साल में बदली है। इसी क्रम में केंद्र सरकार की ”टारगेट पोडियम स्कीम” लाई गई। इस स्कीम का मकसद उन खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानना था जिनमें ओलंपिक पदक जीतने की काबिलियत है और उसके बाद उनको निखारने का काम भी।

खेलो इंडिया

टारगेट पोडियम स्कीम के बाद केंद्र सरकार ने युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच देने के लिए ”खेलो इंडिया” स्कीम शुरू की, जिसकी शुरुआत 2017-18 में हुई। इन आठ सालों में भारत निश्चित तौर पर खेल की दुनिया में कहीं आगे आ गया है। 114.30 करोड़ रुपए के कुल बजट अनुमान के साथ 7 राज्यों में 143 ‘खेलो इंडिया’ केंद्र शुरू किए गए।

फिट इंडिया मूवमेंट

2019 में लाया गया ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ ने भी भारत में खेलों को नई दिशा देने में अहम रोल निभाया। आज इस सरकार ने केंद्र में अपने 8 साल पूरे कर लिए हैं। वर्ष 2021 के दौरान खेल विभाग की प्रमुख उपलब्धियां रही। ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के अन्तर्गत फिट इंडिया फ्रीडम रन का आयोजन 13 अगस्त से 2 अक्टूबर तक किया गया। वहीं ‘फिट इंडिया मोबाइल एप’ 29 अगस्त को लॉन्च किया गया। यह एंड्रॉइड और IOS दोनों प्लेटफॉर्म पर डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा ‘फिट इंडिया क्विज’ का आयोजन भी किया गया।

टोक्यो ओलंपिक, 2020 में भारत का सराहनीय प्रदर्शन

• भारत ने 1 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 7 पदकों के साथ टोक्यो में आयोजित ओलंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ पदक जीतने का रिकॉर्ड बनाया।
• नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता जो एथलेटिक्स में अब तक का पहला पदक रहा।
• वहीं मीरा बाई चानू ने 24 जुलाई 2021 को 49 किलोग्राम भारोत्तोलन में रजत पदक जीता, जो ओलंपिक में भारोत्तोलन में अब तक का दूसरा पदक था।
• लवलीना बोरगोहेन ने 30 जुलाई 2021 को वेल्टर वेट बॉक्सिंग में कांस्य पदक जीता।
• भारत का सराहनीय प्रदर्शन कायम रखते हुए हॉकी पुरुष टीम ने 1980 के ओलंपिक के 41 साल बाद 2020 में टोक्यो में कांस्य पदक जीता।
• महिला बैडमिंटन की एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर सुश्री पी.वी सिंधु लगातार दो ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाली दूसरी खिलाड़ी बनीं।
• रवि दहिया ने पुरुषों के 57 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक और श्री बजरंग पुनिया ने 65 किलोग्राम वर्ग में कुश्ती में कांस्य पदक जीता।

टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भी लहराया परचम

• वहीं एक और उत्कृष्ट प्रदर्शन में, भारत ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में अब तक के सबसे अधिक 19 पदक जीते।
• 9 विभिन्न खेल स्पर्धाओं में रिकॉर्ड संख्या में 54 पैरा एथलीटों ने भाग लिया।
• टोक्यो पैरालंपिक तक, भारत ने पिछले सभी पैरालंपिक में कुल 12 पदक जीते।
• यह पैरालंपिक पदक तालिका में भारत द्वारा हासिल की गई सर्वोच्च रैंकिंग (24वीं) भी है।
• पिछली सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग 25वीं थी, जो 1972 में आई थी।

राष्ट्रीय खेल पुरस्कार

हर साल खेलों में उत्कृष्टता को मान्यता देने और पुरस्कृत करने के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कार दिए जाते हैं। इस वर्ष, राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने 13 नवंबर, 2021 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में 72 उत्कृष्ट एथलीटों/कोचों को पुरस्कार प्रदान किए।

राष्ट्रीय खेल पुरस्कार, 2020 के विजेताओं से मिलने और उन्हें सम्मानित करने के लिए 1 नवंबर, 2021 को नई दिल्ली में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मंत्री अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में एक समारोह आयोजित किया गया था। यह उल्लेखनीय है कि इन पुरस्कारों के विजेताओं को कोविड-19 महामारी के कारण वर्चुअल तौर पर पिछले साल के आयोजन के दौरान नकद पुरस्कार पहले ही प्राप्त हो चुका था। किंतु वे उस समारोह के दौरान ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र लेने में सक्षम नहीं थे, जिसे उन्होंने इस कार्यक्रम के दौरान प्राप्त किए।

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) संस्थागत पुरस्कार

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने 17 नवंबर, 2021 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में 246 एथलीटों और कोचों को पहली बार भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) संस्थागत पुरस्कार प्रदान किए। ये पुरस्कार वर्ष 2016-17, 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेल प्रोत्साहन योजनाओं के तहत असाधारण प्रदर्शन के लिए दिए गए थे।

मेधावी खिलाड़ियों को सहायता

22 जुलाई 2021 को खेल विभाग ने एशियाई, राष्ट्रमंडल या ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले मेधावी खिलाड़ियों के लिए आईआईएम रोहतक द्वारा आयोजित खेल प्रबंधन कार्यक्रम में कार्यकारी स्नातकोत्तर डिप्लोमा (ईपीजीडीएसएम) करने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की। विभाग द्वारा इस तरह की सहायता ईपीजीडीएसएम पाठ्यक्रम के शुरू होने की तिथि अर्थात सितंबर 2021 से सितंबर 2026 तक, 5 वर्षों तक जारी रहेगी। इसमें प्रत्येक उम्मीदवार को पांच लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

#चीयर4इंडिया अभियान

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाले सभी भारतीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए इस अभियान के तहत एक सोशल मीडिया ग्रुप बनाया गया था। ओलंपिक में भाग लेने वाले सभी एथलीट, कोच और सपोर्ट स्टाफ इस ग्रुप के सदस्य थे ताकि असाधारण परिस्थितियों में आयोजित किए गए इन खेलों के दौरान एथलीटों के बीच एकता की भावना पैदा की जा सके।

भारतीय ओलंपिक टीम-2020 के लिए थीम सॉन्ग और #चीयर4इंडिया अभियान का शुभारंभ

टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों की भारतीय ओलंपिक टीम के लिए आधिकारिक थीम सॉन्ग का 24 जून, 2021 को नई दिल्ली में शुभारंभ किया गया था। ओलंपिक के बारे में प्रश्नोत्तरी, सेल्फी पॉइंट, वाद-विवाद और ओलंपिक पर चर्चा जैसी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से एक राष्ट्रव्यापी #चीयर4इंडिया अभियान की शुरुआत की गई थी। ये गतिविधियां प्रधानमंत्री की परामर्श के अनुरूप शुरू की गईं ताकि पूरा देश टोक्यो ओलंपिक में जाने वाले भारतीय खिलाड़ियों को समर्थन और प्रेरित करने के लिए एक साथ आ जाए।

भारत के 7 राज्यों में 143 खेलो इंडिया केंद्र

खेल विभाग ने 25 मई 2021 को 114.30 करोड़ रुपए के कुल बजट अनुमान से 7 राज्यों में 143 खेलो इंडिया केंद्रों के एक अन्य सेट का शुभारंभ किया। इन केंद्रों को एक-एक खेल विधा सौंपी जाएगी। ये राज्य हैं- महाराष्ट्र, मिजोरम, गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर।

एथलीट, कोच और सहायक कर्मचारियों के लिए चिकित्सा और दुर्घटना बीमा

कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए 20 मई 2021 को यह घोषणा की गई थी कि भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) इस वर्ष से 13,000 से अधिक एथलीटों के लिए चिकित्सा और दुर्घटना बीमा कवर का विस्तार करेगा। इसके तहत एसएआई उत्कृष्टता केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी राष्ट्रीय कैंपरों, संभावित राष्ट्रीय कैंपरों और खेलो इंडिया कैंपरों को 5-5 लाख रुपए का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य बीमा 5-5 लाख रुपए का होगा, इसके साथ ही दुर्घटना या मृत्यु होने पर 25 लाख रुपए का कवर भी शामिल होगा।

कोविड-19 से को ध्यान में रखते हुए पूर्व-अंतर्राष्ट्रीय एथलीटों और कोचों को सहायता

कोविड-19 महामारी को ध्यान रखते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कि पूर्व अंतर्राष्ट्रीय एथलीटों और कोचों की चिकित्सा, वित्तीय और लॉजिस्टिक संबंधी सहायता तक पहुंच रहे खेल विभाग भारतीय ओलंपिक संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण ने एक विशेष सहायता प्रकोष्ठ बनाने के लिए 9 मई, 2021 को सहयोग करने का निर्णय लिया। इसके लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय खिलाड़ी कल्याण कोष (PDUNWFS) से वित्तीय सहायता, गंभीर स्थिति में रह रहे खिलाड़ियों और उनके परिवारों को प्रदान की जाएगी।

खेलो इंडिया विंटर गेम्स का दूसरा संस्करण

खेलो इंडिया विंटर गेम्स के दूसरे संस्करण का पीएम मोदी द्वारा 26 फरवरी, 2021 को वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया था। इस स्पोर्ट्स मीट का 2 मार्च, 2021 को जम्मू और कश्मीर के गुलमर्ग में सफलतापूर्वक समापन हुआ। वार्षिक कार्यक्रम का जम्मू-कश्मीर खेल परिषद और जम्मू-कश्मीर के शीतकालीन खेल संघ द्वारा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के साथ आयोजन किया गया था। इस अवसर पर केंद्रीय खेल मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में एक अत्याधुनिक शीतकालीन खेल अकादमी बनाने सहित जम्मू-कश्मीर में खेल इकोसिस्टम को और बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं की घोषणा की थी।

फिट इंडिया स्कूल वीक

केंद्रीय खेल मंत्री ने “फिट इंडिया स्कूल वीक” कार्यक्रम के दूसरे संस्करण का 27 जनवरी 2021 को समापन किया। “फिट इंडिया स्कूल वीक” कार्यक्रम का समारोह मनाने के लिए, केंद्रीय विद्यालय-2, नौसेना बेस, कोच्चि के छात्रों द्वारा ने एक लाइव वर्चुअल प्रदर्शन कार्यक्रम की प्रस्तुत दी, जिसमें सूर्य नमस्कार, फ्री-हैंड एक्सरसाइज, एरोबिक्स, नृत्य और तात्कालिक प्रदर्शन की ऑनलाइन प्रस्तुति दी गई। यह कार्यक्रम बच्चों को उनकी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधि और खेल को शामिल करने के लिए प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

ऑनर स्पोर्टिंग हीरोज

देश के खेल नायकों को सम्मानित करने के प्रयास के तहत खेल विभाग ने 17 जनवरी 2021 को भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) की सभी आगामी और उन्नत खेल सुविधाओं का नाम उन प्रसिद्ध खिलाड़ियों के नाम पर रखने का निर्णय लिया है, जिन्होंने देश में खेलों के लिए अपना योगदान दिया है।

भारतीय स्टेट बैंक ने 18 जनवरी 2021 को राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ) में 5 करोड़ रुपए का योगदान दिया, जिसका मुख्य उद्देश्य टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टीओपीएस) के तहत प्रसिद्ध एथलीटों की जरूरतों को पूरा करना है।

ऐसी ही तमाम कोशिशें बीते आठ सालों में देश में खेल और खिलाड़ियों की दशा-दिशा सुधारने के लिए की गई। जिस प्रकार से भारत सरकार देश के खिलाड़ियों को खेल के मैदान से जुड़ी सभी सहुलियत उपलब्ध करवा रही है ठीक उसी प्रकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान देते हुए नए-नए स्टेडियम भी बनवा रही है। इसी क्रम में रविवार को गुजरात के अहमदाबाद में 632 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले ओलंपिक-स्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास किया गया है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास किया। भारत सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है ताकि आने वाले दिनों में खेल सुविधाओं में कोई कमी न रहे और खिलाड़ी देश के लिए और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

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