भू-माफियाओं का दुस्साहस! अतीक अहमद की सीज जमीन पर बने सैकड़ों मकान
योगी आदित्यनाथ की सरकार में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त अधिकांश बाहुबली, गुंडा माफिया जेल में हैं। उनकी अपराध से अर्जित अवैध सम्पत्तियों को ध्वस्त या कुर्क किया जा रहा है। यूपी सरकार लगातार बाहुबलियों पर कार्रवाई कर रही है। चाहे फिर मुख्तार अंसारी हों, विजय मिश्रा हों या फिर अतीक अहमद किसी को बख्शा नहीं जा रहा है। इस बीच अतीक अहमद को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। कुर्क की गई संपत्तियों पर फिर से कब्जा हो जाये तो यह चौकाने वाली बात है। कुछ इसी तरह का वाकया प्रयागराज के करैली थाना क्षेत्र के एनुउद्दीनपुर गांव में देखने को मिला जहां बाहुबली, माफिया पूर्व सांसद अतीक अहमद की सरकार द्वारा सीज जमीन पर फिर से प्लॉटिंग हो गयी।
भू-माफियाओं का दुस्साहस नेक्स्ट लेवल का है। पूर्व सांसद अतीक अहमद की कुर्क संपत्तियों को बेच दिया। करेली में कुर्क की गई संपत्ति पर कुछ लोगों ने मकान बनवा लिया है। कुर्की की नोटिस बोर्ड को उखाड़कर फेंक दिया। अब सवाल यह है कि मकान बनवाने की अनुमति किसने दे दी। कुर्क संपत्ति की रजिस्ट्री कैसे हो गई। पीडीए से कैसे नक्शा पास हो गया। इन सवालों का जवाब मिलना अभी बाकी है। वहीं, अब आईजी रेंज राकेश सिंह ने जांच का आदेश दे दिया है।
योगी सरकार अतीक अहमद की संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई कर रही है। कुछ दिन पहले अतीक अहमद की करेली के एनुद्दीनपुर में अवैध अर्जित की गई संपत्तियों की जानकारी हुई थी। तत्कालीन डीएम भानुचंद्र गोस्वामी के आदेश पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। अतीक की करीब 12 बीघा जमीन को 24 जनवरी 2021 को करेली पुलिस ने कुर्क किया था। कुर्क की गई जमीन की कीमत का आकलन करीब 20 करोड़ रुपये किया गया था। कुर्क की गई जमीन 18 छोटे-छोटे टुकड़ों में थी।
सवाल उठ रहा है कि जब योगी सरकार अवैध जमीन को लेकर इतनी सख्त है तो कुर्क की गई जमीन पर निर्माण कैसे हो गया। नक्शा पीडीए ने कैसे पास कर दिया। यही नहीं निर्माण के बाद मकानों को बेच भी दिया गया। वहीं, अभी तक ये पता नहीं चला कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन से लोग हैं। इस फर्जीवाड़े में अतीक अहमद के गुर्गे हैं या फिर अन्य भूमाफिया शामिल हैं। यूपी सरकार ने 2022 अगस्त में बड़ी कार्रवाई की है। अतीक अहमद और उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन के नाम से मिली 100 करोड़ की जमीन 12 दिन में कुर्क कर चुकी है।
