अयोध्या में राम दरबार की भव्य स्थापना: कैसे होंगे दर्शन, क्या है सूर्यतिलक का रहस्य?
अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में श्रद्धालुओं के लिए एक और ऐतिहासिक पल आने वाला है। मई 2025 में राम दरबार की स्थापना की जाएगी, जिसके बाद श्रद्धालु भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के भव्य दरबार के दर्शन कर सकेंगे।
रोजाना 800 श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अनुसार, प्रतिदिन 800 श्रद्धालुओं को राम दरबार के दर्शन की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पास जारी किए जाएंगे, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
20 वर्षों तक रामलला को मिलेगा सूर्यतिलक
इसके अलावा, रामलला का सूर्यतिलक अगले 20 वर्षों तक जारी रहेगा। इस विशेष पूजा अनुष्ठान के तहत सूर्य की पहली किरण रामलला के दिव्य स्वरूप पर पड़ती है, जिससे एक अद्भुत दृश्य उत्पन्न होता है। यह अनुष्ठान राम भक्तों के लिए बेहद भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव लेकर आएगा।
भक्तों में उत्साह, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राम दरबार की स्थापना और सूर्यतिलक के ऐलान के बाद से श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने दर्शन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के भव्य राम दरबार के दर्शन कर सकें।
अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद से भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, ऐसे में दर्शन पास की व्यवस्था से भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। श्रद्धालुओं के लिए यह एक ऐतिहासिक अवसर होगा, जहां वे पहली बार भव्य राम दरबार के दिव्य दर्शन कर सकेंगे।
