बलिया में सियासी घमासान: अरुण राजभर और दयाशंकर सिंह के तीखे बयान से बढ़ा राजनीतिक तापमान!
बलिया में राजनीति गरमा गई है। सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) नेता अरुण राजभर और उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह आमने-सामने आ गए हैं। विवाद की जड़ एक बयान है, जिसमें अरुण राजभर ने पुलिस को लेकर तीखी टिप्पणी की थी।
क्या है पूरा मामला?
सुभासपा नेता अरुण राजभर ने हाल ही में एक विवादित बयान देते हुए कहा कि अगर पुलिस ने उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हाथ उठाया, तो उनके लोग “आंखें निकाल लेंगे।” उनका यह बयान बांसडीह विधानसभा क्षेत्र में सुभासपा नेता उमापति राजभर के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद आया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके कार्यकर्ता के साथ अन्याय किया है।
दयाशंकर सिंह का पलटवार
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सख्त लहजे में कहा, “अब कोई यूपी पुलिस की आंख नहीं निकाल सकता। यह योगी जी की पुलिस है। अगर कोई पुलिस की कॉलर पकड़ेगा, तो उसका कलेजा निकाल देंगे!”
पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
इस पूरे विवाद के बीच, बांसडीह कोतवाली में तैनात एक उपनिरीक्षक और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, एसडीएम के स्टेनो पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिस पर सुभासपा कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस घटनाक्रम के बाद बलिया में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा और सुभासपा के नेता एक-दूसरे पर जमकर हमले कर रहे हैं। यह विवाद आगामी चुनावों के मद्देनजर ओपी राजभर और सुभासपा की रणनीति पर भी असर डाल सकता है।
अब देखना होगा कि यह मामला और कितना तूल पकड़ता है और क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस विवाद पर कोई कदम उठाते हैं या नहीं।
