बेटा और बहू की मार सहने से अच्छा मरना है… दर्दनाक सुसाइड नोट लिखकर बुजुर्ग ने दी जान!
फरीदाबाद के सेक्टर-87 स्थित एसआरएस रॉयल हिल्स में 67 वर्षीय बुजुर्ग कुबेर नाथ शर्मा ने बेटे और बहू के अत्याचार से तंग आकर पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना समाज को झकझोर कर रख देने वाली है। आत्महत्या के बाद जब पुलिस को उनका सुसाइड नोट मिला, तो उसमें लिखी बातें बेहद दर्दनाक और भावुक करने वाली थीं।
सुसाइड नोट में बुजुर्ग ने क्या लिखा?
बुजुर्ग ने अपने आखिरी खत में लिखा: “मैं अपने आप आत्महत्या कर रहा हूं। किसी ने मुझे धक्का नहीं दिया है। बेटा और बहू चप्पल से मारेंगे तो जीने से अच्छा मरना है। इसमें किसी का दोष नहीं है। सब ऊपर वाले की मर्जी है। घर का कैमरा सबूत है। मेरे जानने वाले सभी भाई-बहनों को प्रणाम।”
इस नोट को पढ़कर यह साफ जाहिर होता है कि वह अपने ही बेटे और बहू से बेहद प्रताड़ित महसूस कर रहे थे और इस कदर टूट चुके थे कि उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त करने का फैसला कर लिया।
कैसे हुई घटना?
मिली जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग कुबेर नाथ शर्मा सेक्टर-87 स्थित एसआरएस रॉयल हिल्स की पांचवीं मंजिल पर रहते थे। पिछले कुछ समय से वह अपने बेटे शैलेश कुमार शर्मा और बहू के व्यवहार से बेहद परेशान थे। बताया जा रहा है कि बेटे और बहू उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।
घटना वाले दिन भी किसी विवाद के बाद उन्होंने अपनी बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी। आसपास के लोगों ने जब यह देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने बुजुर्ग के बेटे और बहू के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी पुलिस खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बुजुर्ग पर कितना अत्याचार किया जा रहा था।
समाज के लिए एक चेतावनी!
यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। जिस संतान को माता-पिता पाल-पोस कर बड़ा करते हैं, अगर वही उनके सुख-चैन छीन ले, तो बुजुर्गों के पास जीने का क्या सहारा बचता है?
यह बेहद दुखद और शर्मनाक है कि आज की पीढ़ी बुजुर्गों का सम्मान करने के बजाय उन्हें प्रताड़ित करने पर उतर आई है। इस घटना से समाज को सीख लेने की जरूरत है कि बुजुर्ग माता-पिता को सम्मान और प्यार देना हमारी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।
सरकार और समाज को क्या कदम उठाने चाहिए?
1. सीनियर सिटिजन वेलफेयर सोसाइटी को और अधिक सक्रिय किया जाना चाहिए।
2. परिवारों को बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान के प्रति जागरूक करने के लिए सामाजिक अभियानों की जरूरत है।
3. ऐसे मामलों में त्वरित न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था होनी चाहिए।
समाज के लिए एक चेतावनी
बुजुर्ग कुबेर नाथ शर्मा की आत्महत्या समाज के लिए एक चेतावनी है। उनकी आत्महत्या केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता की निशानी है। हमें यह सोचना होगा कि कहीं हम भी अपने परिवार के बुजुर्गों के साथ ऐसा व्यवहार तो नहीं कर रहे? यदि हमारे आसपास कोई बुजुर्ग किसी प्रकार की मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना झेल रहा है, तो हमें तुरंत उसकी मदद करनी चाहिए।
बुजुर्गों की सेवा और सम्मान ही हमारी सच्ची मानवता का परिचय है!
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