गाजियाबाद में चौंकाने वाली साजिश: गुरु बनने की लालच में संजय यादव ने खुद कटवाया अपना प्राइवेट पार्ट

गाजियाबाद के थाना वेव सिटी क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें संजय यादव नामक व्यक्ति ने किन्नर गुरु बनने की लालसा में खुद ही अपना प्राइवेट पार्ट कटवा लिया। इस साजिश का मुख्य उद्देश्य मौजूदा किन्नर गुरु पारो को झूठे आरोप में फंसाकर जेल भिजवाना और उसकी जगह खुद गुरु बनना था।

घटना का पूरा विवरण:

यह मामला 28 फरवरी की रात ग्राम शाहपुर बम्हैटा का है। संजय यादव पहले से ही किन्नरों के बीच पहचान बनाने की कोशिश कर रहा था। किन्नर समुदाय के नियमों के अनुसार, गुरु बनने के लिए व्यक्ति का प्राइवेट पार्ट नहीं होना चाहिए। इसी कारण संजय ने यह खतरनाक कदम उठाया।

साजिश की योजना:

• संजय यादव ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर इस योजना को अंजाम दिया।
• उसने तानिया खान उर्फ बंगालन को 10,000 रुपये दिए, जिसमें से 5,000 रुपये पेटीएम से और बाकी नकद दिए गए।
• इस योजना में जोगेंद्र उर्फ मोहिनी और ब्रह्म सिंह उर्फ अजय भी शामिल थे।
• खुद पर हमला करवाकर संजय ने पुलिस में शिकायत दी कि किन्नर गुरु पारो ने जबरदस्ती उसका प्राइवेट पार्ट कटवा दिया।

सच्चाई कैसे सामने आई?

जब पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
• संजय यादव ने खुद ही अपनी मर्जी से अपने प्राइवेट पार्ट को कटवाने के लिए पैसे दिए थे।
• पुलिस को घटनास्थल से ऐसे सुराग मिले, जो इस साजिश की ओर इशारा कर रहे थे।
• सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की कार्रवाई:

पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों – जोगेंद्र उर्फ मोहिनी, तानिया खान उर्फ बंगालन और ब्रह्म सिंह उर्फ अजय को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर साजिश रचने, धोखाधड़ी और झूठी शिकायत दर्ज कराने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

क्या है मामला किन्नर समुदाय का सत्ता संघर्ष?

इस घटना से यह साफ हो जाता है कि किन्नर समुदाय के भीतर भी गुरु बनने को लेकर आपसी संघर्ष है। संजय यादव इस समुदाय में अपनी मजबूत पकड़ बनाना चाहता था और इसके लिए उसने यह खतरनाक खेल खेला। हालांकि, पुलिस ने समय रहते साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

आगे क्या होगा?

फिलहाल, पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस साजिश में और भी लोग शामिल थे। संजय यादव की मानसिक स्थिति और उसके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अब पुलिस की आगे की जांच यह तय करेगी कि इस मामले में और कौन-कौन दोषी है और उन पर क्या कार्रवाई होगी।

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