मन की बात : चीतों के नामकरण के लिए PM मोदी ने मांगे सुझाव

शहीद भगत सिंह के नाम पर होगा चंडीगढ़ एयरपोर्ट
पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के जरिए देशवासियों से अपने और लोगों के विचार और अनुभव साझा किए। इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों से कई सलाह भी मांगे। दरअसल पीएम मोदी ने हाल ही में भारत आए चीतों के नामकरण को लेकर लोगों से सुझाव मांगे है। साथ ही पीएम ने 28 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक की वर्षगांठ का भी जिक्र किया।

पीएम ने चीतों के नामकरण के लिए मांगे सुझाव

मन की बात’ कार्यक्रम के 93वें संस्करण में पीएम मोदी ने कहा कि देश के कोने-कोने से लोगों ने भारत में चीतों के लौटने पर खुशी जताई है। 130 करोड़ भारतवासी खुश हैं और गर्व से भरे हैं। यह भारत का प्रकृति प्रेम है। इस बारे में लोगों का एक सामान्य सवाल यही है कि हमें चीतों को देखने का अवसर कब मिलेगा।

 

इस बारे में पीएम ने आगे कहा कि चीतों की निगरानी के लिए एक टास्क फोर्स बनी है, जो यह तय करेगी कि चीते यहां के माहौल में कितने घुल-मिल पाए हैं। इसी आधार पर कुछ महीने बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। उसी के बाद लोग चीतों को देख पायेंगे। बता दें कि नामीबिया से भारत लाए गए आठ चीतों को मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में रखा गया है।

इस दौरान पीएम मोदी ने देशवासियों से चीतों के लिए चलाए जा रहे अभियान के नामकरण को लेकर सुझाव मांगे हैं। इस प्रतियोगिता का इनाम चीता देखने का पहला मौका भी दिला सकता है। उन्होंने कहा कि माईगव के प्लेटफार्म पर एक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं लोगों से इस पर कुछ चीजें साझा करने का आग्रह करता हूं। चीतों को लेकर जो अभियान चला रहे हैं, आखिर उस अभियान का नाम क्या होना चाहिए। क्या हम इन सभी चीतों के नामकरण के बारे में सोच सकते हैं कि इनमें से हर एक को किस नाम से बुलाया जाए।

चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम हुआ शहीद भगत सिंह जी

पीएम मोदी ने 28 सितम्बर को भगत सिंह की जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि अमृत महोत्सव का एक विशेष दिन आ रहा है। इस दिन हम भारत मां के वीर सपूत भगत सिंह जी की जयंती मनाएंगे और  इस बार उन्हें श्रद्धांजलि स्वरुप एक महत्वपूर्ण निर्णय किया है। यह तय किया है कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम अब शहीद भगत सिंह जी के नाम पर रखा जाएगा। इसकी लम्बे समय से प्रतीक्षा की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरणा लें, उनके आदर्शों पर चलते हुए उनके सपनों का भारत बनाएं, यही उनके प्रति हमारी श्रद्धांजलि होती है। शहीदों के स्मारक, उनके नाम पर स्थानों और संस्थानों के नाम हमें कर्तव्य के लिए प्रेरणा देते हैं। अभी कुछ दिन पहले ही देश ने कर्तव्यपथ पर नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की मूर्ति की स्थापना के जरिये भी ऐसा ही एक प्रयास किया है और अब शहीद भगत सिंह के नाम से चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम इस दिशा में एक और कदम है।

28 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक दिवस

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि 28 सितम्बर को जश्न मनाने के लिए एक और वजह भी है। वो है-Surgical Strike। हमारे देश में अमृत महोत्सव का जो अभियान चल रहा है उन्हें हम पूरे मनोयोग से मनाएं। बता दें कि 28-29 सितंबर 2016 की रात को भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में घुसकर आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक की। इस स्ट्राइक में भारत ने कई आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया।

त्योहार पर वोकल फॉर लोकल का लें संकल्प

आगामी त्योहोरों और लोकल फॉर वोकल को लेकर भी पीएम मोदी ने लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि इस समय देश में चारों ओर उत्सव की रौनक है। पीएम ने कहा कि बीते वर्षों से हमारे त्योहारों के साथ देश का एक नया संकल्प भी जुड़ गया है। ये संकल्प है –‘Vocal for Local’ का। अब हम त्योहारों की खुशी में अपने local कारीगरों को, शिल्पकारों को और व्यापारियों को भी शामिल करते हैं। आने वाले 2 अक्टूबर को बापू की जयंती के मौके पर हमें इस अभियान को और तेज करने का संकल्प लेना है। खादी, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्राट ये सारे प्रोडक्ट के साथ-साथ लोकल सामान जरुर खरीदें। आखिर इस त्योहार का सही आनंद भी तब है, जब हर कोई इस त्योहार का हिस्सा बने, इसलिए, स्थानीय प्रोडक्ट के काम से जुड़े लोगों को हमें सपोर्ट भी करना है। एक अच्छा तरीका ये है कि त्योहार के समय हम जो भी गिफ्ट करें, उसमें इस प्रकार के प्रोडक्ट को शामिल इस बार खादी, है या हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट को खरीदने के आप सारे रिकॉर्ड तोड़ दें।

नॉन प्लास्टिक बैग का ही करें इस्तेमाल

इस समय यह अभियान इसलिए भी खास है, क्योंकि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान हम आत्मनिर्भर भारत का भी लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। पीएम ने कहा कि हमने देखा है त्योहारों पर पैकिंग और पैकेजिंग के लिए पॉलिथीन बैग का भी बहुत इस्तेमाल होता रहा है। स्वच्छता के पर्वों पर पॉलिथीन का नुकसानकारक कचरा, ये भी हमारे पर्वों की भावना के खिलाफ है। इसलिए, हम स्थानीय स्तर पर बने हुए नॉन प्लास्टिक बैग का ही इस्तेमाल करें। हमारे यहां जूट के, सूत के, केले के, ऐसे कितने ही पारंपरिक बैग का चलन एक बार फिर से बढ़ रहा है। ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम त्योहारों के अवसर पर इनको बढ़ावा दें, और स्वच्छता के साथ अपने और पर्यावरण के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें।

2025 तक भारत टीबी से होगा मुक्त

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत 2025 तक देश में से तपेदिक (टीबी) को पूरी तरह से समाप्त कर देगा। उन्होंने कहा कि सही पोषण और समय पर दवाइयों से टीवी का इलाज संभव है। उन्हें विश्वास है कि जनभागीदारी से प्राप्त शक्ति से वर्ष 2025 तक भारत टीबी से मुक्त हो जाएगा। इसके लिए सरकार की पहल का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के हिस्से के तौर पर आज हम यह देख रहे हैं कि टीवी के मरीजों को गोद लिया जा रहा है और उनके पौष्टिक आहार का बीड़ा उठाया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.