गैस गोदाम में लगी भीषण आग, धमाकों से उड़े सिलेंडर, 500 मीटर तक गिरे टुकड़े

बरेली। बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के रजऊ परसपुर गांव में सोमवार दोपहर को एक भयानक हादसा हो गया। इंडेन गैस एजेंसी महालक्ष्मी गैस गोदाम में आग लगने के बाद सिलेंडरों में जबरदस्त धमाके हुए, जिससे पूरे इलाके में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि गोदाम की छत उड़ गई और वहां रखे लगभग सभी सिलेंडर फट गए। धमाकों की गूंज से गांव कांप उठा और लोगों को ऐसा महसूस हुआ मानो ज्वालामुखी फट गया हो। आग इतनी तेजी से फैली कि दमकल विभाग और पुलिस के पहुंचने से पहले ही पूरा गोदाम जलकर खाक हो गया। विस्फोटों के कारण सिलेंडरों के टुकड़े 500 मीटर दूर तक खेतों में जा गिरे। ग्रामीणों ने बताया कि यह अब तक का सबसे खौफनाक हादसा था, जिसे उन्होंने अपनी आंखों से देखा।


घटना के चश्मदीद गवाह गैस एजेंसी के चौकीदार दिनेश चंद्र शुक्ला के अनुसार, गोदाम में सिलेंडरों से भरा एक ट्रक गैस सप्लाई के लिए आया था। ट्रक जैसे ही गोदाम के पास खड़ा हुआ, उसी दौरान ट्रक के बोनट में अचानक आग लग गई।
चौकीदार और ट्रक चालक ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि काबू पाना मुश्किल हो गया। आग की लपटें देखते ही चौकीदार और ट्रक चालक जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए। कुछ ही मिनटों में ट्रक में रखा पहला सिलेंडर फटा, जिसके बाद गोदाम में रखे सिलेंडरों ने एक के बाद एक फटना शुरू कर दिया। लगातार धमाकों की आवाजें सुनकर गांव में हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गैस सिलेंडरों में विस्फोट इतने तेज और भयानक थे कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। गोदाम के अंदर रखे सिलेंडर एक-एक करके फटते रहे और उनके टुकड़े दूर-दूर तक उड़ते रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि आग की लपटें आसमान तक उठ रहीं थीं और ऐसा लग रहा था जैसे कोई बड़ा विस्फोटक धमाका हुआ हो।
धमाकों की वजह से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर भागने लगे।
हवा में उड़े सिलेंडरों के टुकड़े 500 मीटर के दायरे तक जाकर गिरे, जिससे खेतों में आग लगने का खतरा भी पैदा हो गया।
फायर ब्रिगेड और पुलिस ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन आग इतनी भीषण थी कि दमकलकर्मियों को आग बुझाने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी। लगातार हो रहे धमाकों की वजह से दमकल कर्मियों को पास जाने में कठिनाई हो रही थी। करीब डेढ़ घंटे बाद धमाके बंद हुए, तब जाकर फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। कई दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर नियंत्रण पाया गया, लेकिन तब तक गोदाम पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था।
संयोगवश, जिस महालक्ष्मी गैस एजेंसी का गोदाम जला, वह सोमवार को बंद रहता है। इसलिए वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। केवल चौकीदार और ट्रक चालक वहां थे, जिन्होंने समय रहते भागकर अपनी जान बचा ली।
हालांकि, अगर यह घटना किसी और दिन होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
गोदाम आबादी से काफी दूर था, इसलिए आसपास के घरों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। लेकिन धमाकों की आवाज और आग की लपटों ने पूरे गांव में दहशत का माहौल बना दिया।
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने अपने मोबाइल फोन से इस भयावह घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग की, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन यह जांच कर रहा है कि गोदाम में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। यह भी देखा जा रहा है कि आग लगने की असली वजह क्या थी – ट्रक की खराबी या कोई अन्य कारण।

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