रामानुज आश्रम प्रतापगढ़ गृहस्थ संतों के लिए एक तीर्थ है:– धर्मगुरु रंजीत महराज
प्रतापगढ़ रामानुज आश्रम में अंतरराष्ट्रीय संत धर्मगुरु रंजीत जी महाराज जिनके हाथ में जन्म से ओम लिखा हुआ है पीठाधीश्वर प्रयागराज पधारे। जहां पर धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास एवं नारायणी रामानुज दासी द्वारा उन्हें अंगवस्त्रम एवं रामानुज पञ्चाङ्गम तथा भगवान श्री जगन्नाथ जी का महाप्रसाद एवं संत निवास देवली के वृंदावन से लाई गई माता तुलसी के वृक्ष की सूखी लकड़ी माला बनाने हेतु प्रदान कर सम्मानित किया गया।

धर्मगुरु ने श्री शनि सहस्त्रनामावली की पुस्तक धर्माचार्य जी को प्रदान किया और जनपद के कल्याण की कामना किया। आपने कहा कि जनपद प्रतापगढ़ में पांडे जी ने अनेक लोगों को अपने लिखे लेख माध्यम से सनातन धर्म की ओर आकर्षित कर रहे हैं विशेष कर हजारों लोग आपके द्वारा लिखी गई प्रत्येक माह में दो बार एकादशी की कथा को व्हाट्सएप के माध्यम से पढ़ते हैं और एकादशी का व्रत करते हैं। श्री रामानुज पञ्चाङ्गम जो परम पूज्य श्री श्री 1008 स्वामी श्री इंदिरा रमणाचार्य पीठाधीश्वर श्री जगन्नाथ पुरी एवं पीठाधीश्वर श्री नैमिष नाथ भगवान रामानुज कोट अष्टम भू बैकुंठ के नेतृत्व में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पंडित रामनारायण शास्त्री एवं श्री किशोरी जी भोपाल द्वारा प्रकाशित किया जाता है। जिससे सनातन धर्म के समस्त व्रत पर्व त्यौहार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के संबंध में लोगों को जानकारी प्राप्त होती है।

रामानुज आश्रम में आज तक अनेक महान वैष्णव संत तथा ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य जी सहित अन्य धर्म वर्ग के भी संत एवं अनेकों राजनैतिक पार्टियों तथा सामाजिक कार्यों में रत लोग पधार चुके हैं। आप सभी के प्रति समरसता एवं सद्भाव का व्यवहार करते हैं जो हमारे लिए गौरव की बात है। उक्त अवसर पर अभय मिश्रा एडवोकेट हाई कोर्ट डॉ अवंतिका पांडे आरविका पांडे उर्फ छोटेलाल सरकार अभय कुमार उपाध्याय सिमरन पाल सीमा मौर्य सहित अनेक भक्तगण उपस्थित रहे।
इसके पूर्व आप जनपद के निर्भीक कर्मठ एवं ईमानदार पुलिस अधीक्षक भूकर से मिलकर उन्हें भी श्री शनि सहस्त्रनामावली पुस्तक भेंटकर उनके कार्यों की सराहना करते हुए जनपद में शांति एवं सुरक्षा की कामना किया।
