जारी है खाद के लिए मारामारी, घंटो लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौटे किसान

कृषि न्यूज़(सम्भल):

सोमवार को पवांसा गांव स्थित साकिन शोभापुर सहकारिता समिति पर यूरिया खाद स्टॉक कम होने के कारण सभी किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। जिन्होंने बहुत दिन पहले ही अपने आधार की फ़ोटो कॉपी जमा करवा दिए थे उन्हें ही खाद मिला। बाकी बचे लोंगो को खाली हाथ ही लौटना पड़ा ।

पहले खाद पाने के लिए धक्का मुक्की की नौबत तक आ गई:

खाद लेने के लिए किसानों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। मौके पर हंगामे का माहौल बना हुआ था। किसानों के बीच धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। कोरोना वायरस के कारण लागू सोशल डिस्टेंसिन्ग के नियम की धज्जियां उड़ा कर किसानों द्वारा यूरिया खाद लेने के लिए एक दूसरे के साथ धक्का मुक्की कर आगे निकलने का प्रयास किया।

किसानों की उमड़ी भीड़ देख कर्मचारियों के छूटे पसीने:

अब तो जब यूरिया का नया स्टॉक आएगा तभी किसानों को दिया जा सकता है। फिलहाल किसानों से आधार की फ़ोटो कॉपी जमा करा ली गई है।

पवांसा गांव स्थित साकिन शोभापुर सहकारिता समिति पर सुबह 7:00 बजे से यूरिया खाद लेने के लिए किसानों की लंबी लाइन लगी हुई थी । समिति के कर्मचारी जब मौके पर पहुंचे तो यूरिया के लिए लगी भीड़ देखकर उनके पसीने छूट गए

पवांसा में खाद लेने बहजोई के भी पहुंचे किसान:

समिति पर 14 अगस्त को 490 यूरिया खाद के कट्टे आए थे। जिसमें 126 कट्टो का वितरण कर दिया गया था। यहाँ उन किसानों को यूरिया वितरित किया गया जिन्होंने आधार कार्ड की फ़ोटो कॉपी पहले से जमा करवा रखी थी । पवांसा सहकारिता समिति में 13 गांव शामिल है । लेकिन यूरिया खाद लेने के लिए बहजोई ब्लॉक के भी किसान पहुंच गए। ऐसे में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। समाजिक दूरी का उल्लंघन कर किसानों ने यूरिया पाने के लिए एक दूसरे को धक्का देकर आगे निकलने का प्रयास किया । घंटो लाइन में खड़े रहने के बाद भी कई किसान खाली हाथ लौटे।

 

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