यूपी: मुख्यमंत्री योगी ने अपनी सरकार के कार्यकाल के लगभग साढ़े चार वर्ष पूर्ण होने पर सरकार की उपलब्धियों का दिया ब्यौरा, कहां से कहां पहुंचा उत्तरप्रदेश !

देश की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले राज्य से पहुंचा दूसरे स्थान पर

हाल ही में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल के लगभग साढ़े चार वर्ष पूर्ण होने पर फिर एक बार अपनी सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सामने रखा।
खास बात, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार द्वारा अयोध्या में दीपोत्सव और बरसाना में रंगोत्सव की व्यवस्थाओं ने उत्तर प्रदेश की परम्पराओं को देश के बाकी हिस्सों और पूरी दुनिया में पेश किया है। उत्तर प्रदेश, जो 2016-17 में देश की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य था, अब देश में दूसरे स्थान पर है और देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य है। उत्तर प्रदेश ने सबसे अधिक कोविड -19 परीक्षण भी किए और सबसे अधिक टीकाकरण भी। उत्तर प्रदेश 42 लाख गरीब लोगों को आवास दे चुका है।”

सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं

यह सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है। केन्द्र की अटलबिहारी वाजपेयी सरकार ने एक नई परिपाटी शुरू की थी- एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने की। सभी समीचीन मंत्रालय हर वर्ष बताते थे कि उन्होंने कितना कार्य किया है। एक अंतराल तक बंद रहने के बाद यह परिपाटी अब फिर लगभग अनिवार्य जैसी हो गई है।

एक्शन टेकन रिपोर्ट का महत्व

आम तौर पर माना जाता है कि लोगों की स्मृति अल्पकालिक होती है और ऐन मौके की बातें या घटनाएं उसके मानस को ज्यादा प्रभावित करती हैं। लेकिन सरकार को पांच वर्ष का कार्यकाल, पूरे पांच पांच वर्ष तक कार्य करने के लिए मिला होता है। लिहाजा ज्यादा समीचीन ढंग का लोकतांत्रिक व्यवहार यही है कि सरकारें अपने कामकाज का विवरण समय-समय पर प्रस्तुत करें।
अपनी सरकार के कार्यकाल के लगभग चार वर्ष पूर्ण होने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो बिन्दु नीति आयोग की संचालन परिषद के समक्ष रखे थे, उनमें से कुछ मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं :-

• पहला उल्लेखनीय बिन्दु यह था कि उत्तर प्रदेश देश में 10 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
• नीति आयोग के ‘मेकिंग इंडिया ए ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब’ के एजेंडे के संदर्भ में योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के तहत 500 से अधिक सुधारों को सफलतापूर्वक लागू करके उत्तर प्रदेश “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” की रैंकिंग तालिका में देश में 12 वें स्थान से बढ़कर दूसरे स्थान पर आ गया है। उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए निवेश मित्र पोर्टल की स्थापना की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नीति आयोग को दी महत्वपूर्ण जानकारी

कोरोना और खास तौर पर लॉकडाउन एक चुनौतीपूर्ण अवधि थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नीति आयोग को बताया कि- “राज्य की सकारात्मक नीतियों के परिणामस्वरूप, (उस समय तक) कोरोनो अवधि के दौरान 56 परियोजनाओं के लिए लगभग 45 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।” उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में 4,68,000 करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए और लगभग 3 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं चालू हो चुकी हैं।

नीति आयोग के समक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वक्तव्य के अनुसार पिछले चार वर्ष में लगभग 50 लाख नए एमएसएमई का सृजन हुआ है और इन इकाइयों का वित्त पोषण करने के बूते 1 करोड़ 80 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा -“पिछले चार वर्ष में मेरी सरकार ने चार लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है।”

कृषि

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2016-17 में खाद्यान्न उत्पादन 558 लाख मीट्रिक टन था और 2019-20 यह में बढ़कर 602 लाख मीट्रिक टन हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वित्त वर्ष में 5,896 क्रय केंद्रों के माध्यम से 6.63 लाख किसानों से 35.76 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई और इसके लिए 6,885 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। इसके अलावा 12,78,900 किसानों से (उस समय तक) 66 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीद की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के 240 लाख से अधिक किसानों को डीबीटी के माध्यम से 27 हजार 134 करोड़ रुपए की राशि हस्तांतरित की गई है।

भौतिक बुनियादी ढांचा

भौतिक बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए सड़क, रेल और हवाई संपर्क के क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पांच प्रमुख एक्सप्रेसवे के साथ देश का प्रमुख राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि कानपुर और आगरा जिलों में मेट्रो रेल परियोजनाओं का काम जारी है और गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी और मेरठ के लिए मेट्रो और लाइट मेट्रो परिवहन व्यवस्था विचाराधीन है। गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में एक विश्व स्तरीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विकास किया गया है। कुशीनगर हवाई अड्डा भी अंतरराष्ट्रीय के लिए लगभग तैयार है। जल्द ही राज्य के पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे – लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर, गौतम बुद्ध नगर और अयोध्या में तैयार होंगे। वर्तमान में लखनऊ, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज और हिंडन में सात हवाई अड्डे काम कर रहे हैं और बरेली से उड़ानें हैं 8 मार्च 2021 से शुरू हो रही हैं। दस अन्य स्थानों में हवाईअड्डों का विकास विकास के विभिन्न चरणों में है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण और शहरी) और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत (उस समय तक) 40 लाख से अधिक घरों का निर्माण बेघर लोगों के लिए किया गया है। बिजली आपूर्ति में अभूतपूर्व सुधार हुआ है और वर्तमान में जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालय पर 21 घंटे 30 मिनट और गांवों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति रोस्टर के अनुसार की जा रही है। सभी जिलों में मिशन प्रेरणा शुरू किया गया है, जिसके तहत शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सुविचारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जबकि मार्च 2022 तक एक लाख 35 हजार स्कूलों को बदलने के लिए राज्य में ऑपरेशन कायाकल्प चलाया जा रहा था। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए लगभग 1 लाख 20 हजार प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती एवं स्थानांतरण एक पारदर्शी ऑनलाइन प्रणाली से किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 36 विभागों की 259 सेवाओं को ऑनलाइन कर चुकी है। राशन की दुकानों में ई-पीओएस मशीन के माध्यम से राशन वितरण किया जा रहा है, जिससे हर साल करीब 1200 करोड़ रुपए की बचत होगी। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को राज्य में स्थापित 60 हजार से अधिक सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से सरकार की विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जन सुनवाई पोर्टल पर लगभग 1.5 करोड़ (98 प्रतिशत) और सीएम हेल्पलाइन 1076 पर लगभग 65 लाख (98 प्रतिशत) शिकायतों का सफलतापूर्वक निपटारा कर दिया गया है।

डीबीटी

राज्य सरकार स्वास्थ्य, कृषि, समाज कल्याण और अन्य विभागों की कल्याण योजनाओं के तहत लाभार्थियों को धनराशि सीधे उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित कर रही है। इसी तकनीक का उपयोग कर गन्ना किसानों की पर्चियों को भी ऑनलाइन कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश बैंकिंग सखी योजना (बीसी सखी) हर गांव में ऑनलाइन बैंकिंग से जोड़कर दूर-दराज के क्षेत्रों के नागरिकों को आसानी से बैंकिंग सुविधाएं दी जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश में मैनिंजाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के मामले लगभग खत्म हो गए हैं। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रत्येक रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित किया जाता है, जिससे राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं और इससे 26 लाख, 79 हजार रोगी (उस समय तक) लाभान्वित हो चुके थे। 2017 तक उत्तर प्रदेश के केवल 12 जिलों में राज्य के मेडिकल कॉलेज/ संस्थान चालू थे और वर्तमान में 30 अन्य जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेजों/ संस्थानों का निर्माण चालू है। उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा के लिए गोरखपुर और रायबरेली जिलों में एम्स स्थापित किए गए हैं और वाराणसी जिले में एम्स की तर्ज पर एक चिकित्सा संस्थान की स्थापना की जा रही है। योग और प्राकृतिक चिकित्सा में उत्कृष्ट अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है।

राज्य में जल जीवन मिशन के उद्घाटन से पहले केवल 1.9 प्रतिशत परिवारों को एफएचटीसी (कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन) उपलब्ध था। बुंदेलखंड और विंध्य के पूरे क्षेत्र को पाइप से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 68 सतही जल आधारित परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार वर्ष 2024 तक 100 प्रतिशत एफएचटीसी प्रदान करने जा रही है।

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