महाराज मनु और शतरूपा की तपोस्थली है नैमिषारण्य : स्वामी इंदिरा रमणाचार्य

नैमिषारण्य श्री हरि प्रपन्न ट्रस्ट द्वारा रामानुज कोट के अंदर स्थित भगवान नैमिष नाथ मंदिर प्रांगण में परम पूज्य श्री श्री 1008 स्वामी श्री इंदिरा रमणाचार्य पीठाधीश्वर श्री जीयर स्वामी मठ जगन्नाथपुरी एवं पीठाधीश्वर श्री नैमिषनाथ भगवान अष्टम भू बैकुंठ नैमिषारण्य के संरक्षकत्व में मंदिर के ट्रस्टी धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने 8 कमरों के निर्माण हेतु भूमि पूजन किया।


आचार्य सदानंद द्विवेदी ज्योतिषाचार्य एवं राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित रामानुज पंचांग गम के संपादक डॉक्टर राम नारायण शास्त्री भोपाल वेद पाठी ब्राह्मणों द्वारा वेद मंत्रों के बीच पूजन अर्चन किया गया। पूजा पूज्य स्वामी जी ने कहा कि नैमिषारण्य महाराज मनु और शतरूपा की तपोस्थली है ।सूत जी ने शौनकादि ऋषियों को यही कथा श्रवण कराया। मंदिर प्रांगण में गोपुरम का निर्माण हो रहा है जो उत्तर भारत का एक दिव्य गोपुरम होगा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से रमेश चंद्र दीक्षित पूर्व प्राचार्य ट्रस्टी, आचार्य धनेश वैदिक, आचार्य रामजी मिश्रा वैदिक, किशोरी जी रामानुज दासी, नारायणी रामानुज दासी, रितु पांडे, आचार्य दीपक, आचार्य मुकेश गौतम, सहित भारी संख्या में भक्त गण उपस्थित रहे।

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