मेरठ में बन रहा यूपी का पहला खेल विश्वविद्यालय, जानें क्या होगा खास

देश के युवा आज खेल के हर मंच पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं और मेडल लेकर आ रहे हैं। ऐसे में खेल और खिलाड़ियों की हर संभव मदद के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। देश के हर राज्य में खेल को बढ़ावा मिले, इस पर फोकस किया जा रहा है। इसी के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में स्पोर्ट कॉम्प्लेक्स के साथ ही ग्राउंड और खेल यूनिवर्सिटी खोले जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश भी खेल का हब बनने जा रहा है क्योंकि मेरठ में राज्य का पहला खेल विश्व विद्यालय बनने जा रहा है। जिससे मेरठ ही नहीं, बल्कि पूरे यूपी की खेल प्रतिभाओं को विश्व पटल पर छाने का अवसर मिलेगा।

खेल विश्वविद्यालय में क्या होगा खास

दरअसल, पीएम मोदी ने 2 जनवरी, 2022 को मेरठ के सलावा गांव में मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्व विद्यालय का शिलान्यास किया। मेरठ में 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह यूपी का पहला खेल विश्व विद्यालय होगा। यहां खेल प्रतिभाओं को निखारने के साथ ही अव्वल दर्जे की पढ़ाई होगी। इसमें विश्वस्तरीय प्रशिक्षक तैनात किए जाएंगे। खेल विश्वविद्यालय में युवाओं को सभी प्रकार के खेलों का शिक्षण और प्रशिक्षण दिया जाएगा। खेल विश्व विद्यालय बनने से खेल प्रतिभाओं को निखारा जाएगा। विश्व विद्यालय में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आधार पर स्नातक की डिग्री दी जाएगी। विश्वविद्यालय से बैचलर डिग्री इन स्पोर्ट्स, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, परानास्तक, एमफिल और पीएचडी आदि के कोर्स संचालित होंगे। विश्वविद्यालय में 540 पुरुष और 540 महिला खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था होगी।

खेल के लिए मिलने वाली सुविधाएं

लगभग 91 एकड़ में बनने वाले इस खेल विश्व विद्यालय में इंडोर स्टेडियम, सिंथेटिक रनिंग स्टेडियम, सिंथेटिक हॉकी मैदान, ओलंपिक स्तरीय स्वीमिंग पूल, फुटबाल मैदान, वालीबॉल कोर्ट, बास्केटबाल कोर्ट, हैंडबाल, कबड्डी मैदान, लॉन टेनिस कोर्ट, जिम्नेजियम हॉल, मल्टीपरपज हॉल, शूटिंग रेंज, स्क्वाश, जिम्नास्टिक, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, क्याकिंग एंड कैनोइंग, अत्याधुनिक टर्फ मैदान, साइकिलिंग ट्रैक, योगा हॉल आदि होंगे। इसके अलावा एथलेटिक्स, आउटडोर गेम्स, ट्रैक एंड फील्ड, जैवलिन थ्रो, भारोत्तोलन, कुश्ती, बाक्सिंग सहित पारंपरिक खेल मलखम्ब और खोखो का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। गंगनहर में रोविंग और राफ्टिंग जैसे जलीय खेलों का प्रशिक्षण भी होगा। खेल विश्व विद्यालय के निर्माण का संकल्प प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और उत्कृष्टता लाना है। विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों जिनका फिजिकल एप्टीट्यूटड, स्किल्स व खेलों में रिकार्ड स्थापित करने का है, तथा पदक जीतने के लिए खिलाड़ियों को प्रैक्टिकल बेस्ड शिक्षा प्रदान करना है।

मेरठ में बने उपकरणों का प्रयोग करते हैं खिलाड़ी

यूपी सरकार ने मेरठ के खेल उद्योग को एक जिला, एक उत्पाद योजना में शामिल किया है। इससे खेल उद्योग को नई दिशा मिल रही है। मेरठ के खेल कारोबारी विनीत डाबर का कहना है कि दुनिया के खिलाड़ी मेरठ में बने उपकरणों का प्रयोग करते हैं। क्रिकेट, वॉलीबाल, बैडमिंटन, डिस्कस, टेनिस आदि खेलों के मेरठ में बने खेल उपकरण पूरी दुनिया में निर्यात होते हैं। उद्यमी मेरठ में खेल इकाइयां लगाने के लिए आगे आ रहे हैं।

भारत सरकार के सहयोग से गांवों में खेल मैदान, ओपन जिम, स्टेडियम, मिनी स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। यूपी सरकार ने प्रदेश में एकलव्य क्रीड़ा कोष की स्थापना की है। इसमें योग्य प्रशिक्षण की व्यवस्था करेगा। हर प्रकार का उत्तम माहौल दिया जाएगा। खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है।

देश में नई खेल संस्कृति को बढ़ावा

वहीं केंद्र सरकार द्वारा खेलो इंडिया के तहत युवा खेल प्रतिभाओं को निखारने का कार्य किया जा रहा है। टॉप्स योजना लागू होने के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार हुआ है और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। पीएम मोदी ने युवाओं से देश को खेल उद्यम का हब बनाने और आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री ने खेलों को एक उद्योग के रूप में भी विकसित करने की बात कह रहे हैं। केंद्र सरकार देश में नई खेल संस्कृति को विकसित करने के लिए कार्य कर रही है। फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया मूवमेंट और सांसद खेल स्पर्धा भी आयोजित हो चुकी है।

युवाओं को मिल रहा रोजगार

खेलों के जरिए खिलाड़ी केवल पदक ही नहीं जीत रहे, बल्कि खेल उद्योग के जरिए लाखों युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। देश के प्रत्येक हिस्से में खेल उद्योग स्थापित हो रहे हैं। मोदी सरकार की पहल से खेलों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के संस्थान बन रहे हैं। खेल से जुड़ी सर्विस और सामान का वैश्विक बाजार लाखों करोड़ रुपये का है। नई शिक्षा नीति में भी खेल को प्राथमिकता दी गई है। इसमें युवाओं की सबसे ज्यादा भागीदारी हो रही है। पहले खेल एक अलग एक्टिविटी थी, अब खेल भी विषय होगा। उसका भी पढ़ाई में विशेष महत्व होगा। इसके लिए युवाओं को एक मार्ग दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।

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