नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 8वीं बार ली बिहार के सीएम पद की शपथ, तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम

बिहार में महागठबंधन की नई सरकार में जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार ने बुधवार को आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वहीं राजद नेता तेजस्वी यादव ने दूसरी बार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल फागू चौहान ने उन्हें शपथ दिलाई।

इसी के साथ नीतीश कुमार ने बिहार में सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया है. शपथ ग्रहण समारोह में लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री और भाई तेज प्रताप शामिल हुए. इस मौके पर महागठबंधन के सभी विधायकों के अलावा और भी कई नेता मौजूद थे।

शपथ ग्रहण के बाद तेजस्वी ने नीतीश कुमार को गले लगाया और आशीर्वाद लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अन्य मंत्रियों के शपथ ग्रहण की तारीख तय करने की बात कही।

इससे पहले, नीतीश कुमार ने मंगलवार को सीएम पद से इस्तीफा देने से पहले आठ साल में दूसरी बार भाजपा के साथ अपना गठबंधन तोड़ा। इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद नीतीश कुमार तेजस्वी के साथ राज्य में शीर्ष पद के लिए अपना दावा करने के लिए राजभवन गए और उन्हें “महागठबंधन” (महागठबंधन) के नेता के रूप में चुना गया।

राज्यपाल फागू चौहान को 164 विधायकों की सूची देने के बाद नीतीश कुमार ने घोषणा की महागठबंधन, जिसमें सात राजनीतिक दल शामिल हैं, सरकार बनाएगी।

इस तरह बिहार में पांच साल पुराना बीजेपी-जेडीयू गठबंधन मंगलवार को टूट गया. मंगलवार सुबह 11 बजे जदयू की बैठक में सहमति बनने के बाद सीएम ने शाम चार बजे से 20 मिनट पहले राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा. उधर, राजद विधायक दल की बैठक 11 बजे शुरू हुई जिसमें कांग्रेस और वाम दलों ने तेजस्वी यादव को नेता मानते हुए पूरा समर्थन देने की बात कही।

इससे पहले नीतीश कुमार ने कहा कि सभी सांसद और विधायक इस बात पर सहमत हैं कि हमें एनडीए छोड़ देना चाहिए. बीजेपी से समस्या के बारे में पूछे जाने पर नीतीश कुमार ने कहा कि वह इस सवाल का जवाब बाद में देंगे. इसके बाद वह वहां से सीधे राबड़ी देवी के आवास के लिए रवाना हो गए। राबड़ी देवी के आवास पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

इन सभी घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, राज्य भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि बिहार और भाजपा के लोगों को नीतीश कुमार ने धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि 2017 और अब में क्या अंतर है। इसका जवाब नीतीश कुमार को देना चाहिए. संजय जायसवाल ने कहा कि 2020 में उन्होंने एनडीए के तहत मिलकर चुनाव लड़ा था. बीजेपी ने कम सीटें जीतने के बाद भी पीएम मोदी के कहने पर नीतीश कुमार को सीएम बनाया. नीतीश कुमार ने 2017 में गठबंधन तोड़ने पर खेद भी जताया है।

वहीं लोजपा अध्यक्ष और जमुई सांसद चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार की साख जीरो है. हम चाहते हैं कि बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू हो और राज्य को नया जनादेश मिले। नीतीश कुमार की कोई विचारधारा नहीं है। अगले चुनाव में जद (यू) को शून्य सीटें मिलेंगी। मंगलवार को लालू की बेटी चंदा ने अपने भाई तेजस्वी यादव की एक तस्वीर शेयर कर प्रतिक्रिया दी।

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