आरबीआई ने ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव, रेपो रेट 4% पर रहेगी बरकरार

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2022 की पहली मॉनेटरी पॉलिसी की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिसके बाद रेपो रेट 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट को 3.35 फीसदी रखा गया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट 4% और रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर बरकरार रहेगा। जब तक ग्रोथ स्टेबल नहीं हो जाती, तब तक पॉलिसी रेट अकोमडेटिव ही रहेगी। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2021-22 की जीडीपी में भी 10.5 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान लगाया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी फरवरी माह में भी ब्याज दरों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं हुआ था।

क्या होता है रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट ?

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर रिजर्व बैंक, दूसरे बैंकों को कम समय के लिए कर्ज देता है। वहीं, रिवर्स रेपो रेट वह दर है, जिस पर रिजर्व बैंक, अन्य बैंकों को ब्‍याज के तौर पर रुपये देता है। अगर रेपो रेट में कटौती होती है, तो अन्य बैंकों को रिजर्व बैंक को कम ब्‍याज देना होता है। इसके विपरीत अगर रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता है, तो अन्य बैंकों के लिए उससे कर्ज लेना महंगा हो जाता है।

(https://twitter.com/PBNS_India/status/1379661492279214082)

क्या है मौजूदा स्थिति ?

1) रेपो रेट: 4.00% VS 4.00%

2) नकद आरक्षित अनुपात: 4.00% VS 3.00%

3) रिवर्स रेपो रेट: 3.35% VS 3.35%

4) बैंक रेट: 4.25% VS 4.25%

ग्राहकों की मांग में तेजी और सुधार के संकेत

आरबीआई गवर्नर दास ने कहा, केंद्रीय बैंक सिस्टम में पर्याप्त तरलता उपलब्ध कराने के लिए कदम उठा रहा है। देश के ग्रामीण और शहरी इलाकों से ग्राहकों की मांग में तेजी और सुधार के संकेत मिल रहे हैं। दास ने यह भी कहा कि दुनिया भर में कोविड-19 के टीकाकरण के चलते आर्थिक रिकवरी में तेजी आई है। इसके साथ ही दुनियाभर के बैंकिंग नियामक मौद्रिक नीतियों को नरम कर रहे हैं, जिससे वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद को मदद मिल सके। भारत में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान के चलते भारत की जीडीपी ग्रोथ की उम्मीद भी मजबूत हुई हैं।

बैंक रेट भी 4.25 फीसदी पर बरकरार

बैंक रेट वह दर होती है, जिस पर आरबीआई, व्यापारिक बैंको को प्रथम श्रेणी की प्रतिभूतियों पर कर्ज प्रदान करता है। आज की इस मीटिंग में बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे भी पहले की तरह 4.25 फीसदी रखा गया है।

नकद आरक्षित अनुपात

देश में लागू बैंकिंग नियमों के तहत प्रत्येक बैंक को अपनी कुल नकदी के एक निश्चित अनुपात का हिस्सा रिजर्व बैंक के पास रखना होता है। इसे ही कैश रिजर्व रेश्यो या नकद आरक्षित अनुपात कहते हैं। फिलहाल इसे 4.00% रखा गया है।

पहली छमाही में खुदरा मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत रहेगी

रिजर्व बैंक ने उम्मीद जताई है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में खुदरा मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत पर रहेगी। आरबीआई गवर्नर ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की पहली नीतिगत समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि प्रमुख मुद्रास्फीति फरवरी 2021 में पांच प्रतिशत के स्तर पर बनी रही, लेकिन कुछ कारक सहजता की ऊपरी सीमा को तोड़ने की चुनौती उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में खाद्य मुद्रास्फीति की स्थिति मानसून की प्रगति पर निर्भर करेगी। रिजर्व बैंक ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए पहली और दूसरी तिमाही में 5.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.1 प्रतिशत मुद्रास्फीति का अनुमान दिया है।

(https://twitter.com/PBNS_India/status/1379666550118998020)

Leave a Reply

Your email address will not be published.