सभी के सामने सिंदूर नहीं लगाना चाहिए:– धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास

प्रतापगढ़ रामानुज आश्रम सिंदूर भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म को मानने वाली महिलाओं की सुहाग का प्रतीक है।सिन्दूर लगाने के नियम।


1. प्रतिदिन सिन्दूर स्नान के बाद ही लगाएँ ।
2. सिन्दूर सबके सामने न लगाएंँ ।
3. सबसे पहले सिन्दूर माँ लक्ष्मी या माँ गौरी को अर्पण करें फिर माँग भरें ।
4. सिन्दूर सदा बैठकर और सिर को ढँककर लगाएंँ।
5. स्नान के तुरन्त बाद सिन्दूर न लगाएंँ ।
6. सिन्दूर लगाते समय मुख उत्तर दिशा या पूर्व दिशा में ही रखना चाहिए ।
7. सुहाग लेते समय अपने दुपट्टे या आँचल से लेना चाहिए ।
8. स्नान करने के बाद माँ लक्ष्मी या माँ गौरी को सिन्दूर अर्पण करें फिर कुछ मीठा खाकर सिन्दूर लगाएंँ ।
9. सिन्दूर लगाते हुए इस मन्त्र का ध्यान करें —
महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्।”
या
सर्वमङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।

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