तलवार और बंदूक पर भारी पड़े हेलमेट मैन नफरत की जगह मानवता धर्म की पेश की मिसाल
लोग मुझे मारने आए लेकिन मैं सब को बचाने आया हूं मेरा नाम हेलमेट मैन है.
बिहार के कैमूर जिला नुआव प्रखंड दरौली मदरसे के पास हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार ने बिना हेलमेट चलने वाले नमाजियों को हेलमेट के लिए रोका तो कुछ लोग बुरा मान गए. देखते ही देखते सैकड़ों की भीड़ इकट्ठा हो गई कुछ लोग तलवार और गन लेकर सड़क पर इकट्ठा हो गए. हेलमेट मैन ने कहा आप सभी को सड़क पर एक साथ देख कर मुझे खुशी हुई क्योंकि ईश्वर का संदेश मस्जिद और मंदिर में नहीं समझ पाते लेकिन मुझे सड़कों पर समझाना आसान है. आप सभी के हाथों में तलवार है बंदूक हैं लड़ने के लिए लेकिन मेरा हथियार हेलमेट है जो आप सभी की जान बचाने के लिए.

यही सड़क एक दूसरे गांव को मिलाती है करोड़ों परिवार को एक दूसरे से मिलाने के लिए आपस में जोड़ती है जो पहले हम सभी धर्मो का सम्मान किया करते थे. होली खेलकर सड़के लाल किया करते थे. लेकिन आज यही सड़कें परिवारों को जुदा कर रही हैं सड़क दुर्घटना से सड़कें खून से लाल हो रही हैं. जो हमारे जागरूकता की कमी होने की वजह से प्रतिदिन दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं. हमारा कोई भी धर्म तभी तक सुरक्षित है जब तक हम जीवित हैं. इसी सड़क दुर्घटना में 7 साल पहले मैं अपना मित्र खो चुका हूं जिसका दर्द आज भी मेरे साथ उसकी मां अपने सीने में लेकर जी रही है. ऐसे हर मां के सीने में दर्द होता है जो दुर्घटना में अपना पुत्र खो देती है.
आज हर किसी को अपना मित्र समझ कर सड़कों पर हेलमेट देता हूं ताकि किसी मां को तकलीफ ना हो. इस कार्य को करने की वजह से मैं अपने खुशहाल जीवन को भी बर्बाद कर चुका हूं. पिछले 7 सालों में 49 हजार हेलमेट बांटकर 7 लाख गरीब बच्चों को निशुल्क पुस्तकें भी दे चुका हूं. फिर भी मुझे कोई व्यक्ति या सरकार ने एक रुपए की भी मदद नहीं की. कर्ज में होने के कारण मुझे अपना घर भी बेचना पड़ा फिर भी अपने जुनून और हिम्मत को कम नहीं कर पाया.

आज अपने एक एक संपत्ति को बेच कर दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए प्रतिदिन सड़कों पर कार्य करते रहता हूं. हेलमेट मैन से सभी नमाजी हेलमेट पाकर खुश हुए भारत माता की जयकारा लगाई. मस्जिद के मौलवी ने कहा एक गैर मुस्लिम होकर हिंदू ने हमें रास्ता दिखाया यह हम सभी के जीवन के लिए एक बड़ी सीख हैं क्योंकि हेलमेट मैन खुद एक फरिश्ता है. मस्जिद के अंदर मदरसा भी चलता है जहां सैकड़ों बच्चे शिक्षा लेते हैं हेलमेट मैन ने मौलवी जी से कहा मैं सभी बच्चों को निशुल्क पुस्तकें प्रदान करना चाहता हूं ताकि बच्चे ऐसे मिशन का हिस्सा बने भारत सड़क दुर्घटना मुक्त तभी बनेगा जब हर नागरिक सौ फीसदी साक्षर होगा.

