यूपी में छ: माह तक नहीं जा पाएंगे सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर, योगी सरकार ने लगाया एस्मा, जाने क्या होता है एस्मा
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए अगले छह महीने तक उत्तर प्रदेश में किसी भी सरकारी विभाग, सरकार के नियंत्रण में आने वाले निगम और प्राधिकरणों आदि में हड़ताल करने पर रोक लगा दी है। प्रदेश सरकार ने अत्यावश्यक सेवाओं के अनुरक्षण, 1996 की धारा 3 की उपधारा (1) के द्वारा दी गई शक्ति का प्रयोग करते हुए प्रदेश में एस्मा लागू कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, कार्मिक मुकुल सिंहल की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 30 सन् 1966) की धारा 3 की उप धारा (1) के तहत राज्य के कार्यकलापों से संबंधित किसी भी लोकसेवा, राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले किसी निगम या स्थानीय प्राधिकरण में हड़ताल पर अगले छह माह के लिए प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
Uttar Pradesh government imposes ESMA for six months https://t.co/v1KGjDklhj
— All India Radio News (@airnewsalerts) November 25, 2020
एस्मा के आलावा और भी प्रमुख निर्णय योगी सरकार का
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशानुसार कन्टेनमेंट जोन के बाहर समस्त सामाजिक, शैक्षिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्यक्रमों एवं अन्य सामूहिक गतिविधियों में एक समय में किसी भी बन्द स्थान जैसे हॉल या कमरे की निर्धारित क्षमता के 50 प्रतिशत और अधिकतम 100 व्यक्तियों तक ही उपस्थित रह सकेंगे। कार्यक्रमों में मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन, थर्मल स्कैनिंग व सैनिटाइजर एवं हैंडवॉश की व्यवस्था अनिवार्य होगी। साथ ही खुले स्थान जैसे मैदान आदि ऐसे स्थानों के क्षेत्रफल के 40 प्रतिशत से कम क्षमता तक ही लोगों के होने की अनुमति होगी।
क्यों लगाया जाता है एस्मा
किसी राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा यह कानून अधिकतम छह माह के लिए लगाया जा सकता है। इस कानून के लागू होने के बाद यदि कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो उनका यह कदम अवैध और दंडनीय की श्रेणी में आता है। एस्मा कानून का उल्लंघन कर हड़ताल पर जाने वाले किसी भी कर्मचारी को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है।
क्या होता है एस्मा
एस्मा भारतीय संसद द्वारा पारित अधिनियम है, जिसे 1968 में लागू किया गया था जबकि यह कानून संकट की घड़ी में कर्मचारियों की हड़ताल को रोकने के लिए बनाया गया था.वहीं, एस्मा लागू करने से पहले इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को समाचार पत्रों या अन्य माध्यमों से सूचित किया जाता है। जबकि किसी भी राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा यह कानून अधिकतम छह माह के लिए लगाया जा सकता है। इस कानून के लागू होने के बाद यदि कोई कर्मचारी छुट्टी लेता है या फिर हड़ताल पर जाता है तो उनका ये कदम अवैध और दंडनीय की श्रेणी में आता है। ज्ञात हो कि यदि कोई कर्मचारी एस्मा कानून का उल्लंघन कर हड़ताल पर किसी भी कर्मचारी को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है।
Uttar Pradesh reports 2,318 new #COVID19 cases, 1,328 discharges & 29 deaths in the last 24 hours, says State Health Department
Total Positive Cases till date: 5,33,355
Active cases till date: 24,876
Total discharges: 5,00,835
Death toll: 7,644 pic.twitter.com/fwMghL8DoZ
— ANI UP (@ANINewsUP) November 25, 2020
