प्रशांत किशोर ने खोला राज: चुनाव में महिलाओं को बंटी रकम! सरकार को 6 महीने की चुनौती
पटना। जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार चुनाव में मिली करारी हार पर खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि “यह हार पूरी तरह मेरी जिम्मेदारी है। मैं जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया।”
किशोर ने जनता से माफी मांगते हुए स्वीकार किया कि जन सुराज इस बार न तो सत्ता परिवर्तन करा सका और न ही व्यवस्था परिवर्तन की अपनी बड़ी लड़ाई को अंजाम दे पाया।
मुख्य बातें प्रेस कॉन्फ्रेंस से
- जनता से सार्वजनिक माफी, बोले– “हम लोगों का भरोसा नहीं जीत पाए।”
- पूरी हार की जिम्मेदारी खुद पर ली, किसी नेता या कार्यकर्ता को दोष नहीं दिया।
- एक दिन का मौन उपवास करने का ऐलान — “आत्मचिंतन और प्रायश्चित” बताया।
- उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर पैसों का बंटवारा किया गया — उन्होंने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 60-62 हजार महिलाओं को ₹10,000 दिए गए, और वादा किया गया था कि आगे ₹2 लाख मिलेगा।
- नीतीश सरकार को चुनौती— 6 महीने में 1.5 करोड़ महिलाओं को ₹2 लाख देने का वादा पूरा करें, वरना “राजनीति छोड़ने पर विचार करूंगा”।
- साफ किया कि बिहार छोड़कर नहीं जाएंगे, बोले– “यहां की लड़ाई लंबी है, भागने वाला नहीं हूं।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे बिहार छोड़कर नहीं जा रहे — विपरीत धारणा के बावजूद उन्होंने कहा है कि उनका संकल्प बिहार को सुधारने का है और लौटेंगे नहीं।
