कोविड महामारी से जंग में यूपी सरकार नं०1 , आईसीएमआर भी कर चुकी है प्रशंसा

कोरोना महामारी पुरे विश्व के लिए सर दर्द बना हुआ है। इसके वैक्सीन पर काम जोरशोर से चल रहा है। लेकिन ये वैक्सीन आम लोगों तक पहुँचाने में फरवरी मार्च आ सकता है। तब तक इससे बचाव के लिए सोशल डिस्टैन्सिंग ही सुरक्षा है। सीवीड से निपटने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार का दावा है की यूपी सरकार इस लड़ाई में मुस्तैदी से कड़ी है। कोरोना संक्रमण से प्रतिरक्षा हेतु यूपी सरकार की तैयारियों एवं क्रियान्वयन को आईसीएमआर ने भी प्रशंसा की है। कोविड संक्रमितों को सुविधा प्रदान करने के लिए हर जनपद में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर खोले गये है जिसके अर्तगत कोविड अस्पतालों में भर्ती कराने की सुविधा बस एक फोन काॅल पर की गयी है। लखनउ में शुरू हुए हेलो डाक्टर सुविधा में काॅल करके कोविड-19 से संबधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
सरकार ने कहा है की कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए योगी सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। जिसकी सराहना प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके है। कोरोना संक्रमण के जाँच में यूपी अब नंबर 1 स्थान पर है। टेस्ट पाॅजिटिविटी रेट भी पूरे देश के अधिकतम मानक से कम है।
प्रदेश में कोविड-19 के पहले मरीज का कोरोना सैम्पल पूणे की लैब में टेस्ट करने के लिए भेजा गया था। जबकि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 40 से भी अधिक सरकारी और गैर सरकारी टेस्टिंग लैब, आईटीपीसीआर काम कर रही है।
कोविड महामारी फैलने के र्सिफ तीन महीने में ही इसके चिकित्सकीय इलाज के लिए अस्पतालों में डे़ढ़ लाख बेड की व्यवस्था की गयी हैं। इसी तरह ई संजीवनी पोर्टल के तहत भी इलाज की सुविधा प्रदान की गयी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा लाॅंच की गयी आयुष कवच ऐप से लोग मेडिकल सलाह व योग सलाह ऑनलाईन ले रहे है।
अब तक प्रदेश में 35 लाख से भी अधिक नमूनों की जांच की जा चुकी है। प्रत्येक जिला अस्पताल और मेडिकल काॅलेजों में नाॅन कोविड पेसेंट के इलाज के लिए ट्रूनेट जांच मशीने दी गयी है। उत्तर प्रदेश में सभी सीएचसी व अर्बन पीएचसी पर स्टैटिक बुथ बनवाकर जांच की सुविधा दी जा रही है। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए होम आइसोलेशन, सेमी पेड की व्यवस्था और प्राईवेट अस्पताल में इलाज की सुविधा भी प्रदेश सरकार ने शुरू की है।
